कांकरोली पुष्टिमार्गीय वल्लभ संप्रदाय की प्रधानपीठ श्रीनाथजी मंदिर,और कांकरोली स्थित तृतीय पीठ द्वारकाधीश मंदिर में कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व अत्यंत धूमधाम एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। जन्माष्टमी का सबसे विशेष आकर्षण रही रात्रि 12 बजे ठाकुर जी के जन्मोत्सव पर दी गई 21 तोपों की सलामी।

श्रीनाथजी के करीब 350 वर्ष पूर्व मेवाड़ पधारने के समय से यह परंपरा निरंतर चली आ रही है। आसपास के गांवों के लोग रात्रि 12 बजे तोपों की आवाज सुनकर श्रीकृष्ण जन्म की खुशियां मनाते हैं। कांकरोली स्थित द्वारकाधीश मंदिर में प्रभु के आगमन पर 21 बंदूकों की सलामी दी गई।

हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचे राजसमंद विधायक दिप्ती माहेश्वरी मंदिर पहुंची और आमजन के साथ में भक्ति रस में लोगों के साथ आनंद लिया। ठीक 12 बजे मंदिर की छतरी से बिगुल बजाकर कृष्ण जन्म की सूचना दी जाती है और बिगुल बजने के साथ ही तोपों की सलामी शुरू हो जाती। जन्माष्टमी के दूसरे दिन आज नंद उत्सव मनाया जाएगा जिसमें मंदिर के मुखिया जी यशोदा मैयाका स्वरूप धारण करेंगे और महाराज श्री नंद बाबा का इसके साथ ही गोकुल की सखियों का स्वरूप में सेवादार ठाकुर जी को पलने में झूलते हुए उनको रिझाने का काम करेंगे और ग्वाल बाल मंदिर में दूध दही से नंद उत्सव का आनंद लेंगे।
