राजसमंद जिला कलक्टर अरुण कुमार हसीजा की अध्यक्षता में बुधवार कलेक्टर ने कहा कि कृषि एवं उद्यानिकी सहित सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए किसानों को अधिक से अधिक योजनाओं से जोड़ें, ताकि उनकी आय में वृद्धि हो सके और वे आधुनिक एवं उन्नत कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित हों। उन्होंने यह भी कहा कि योजनाओं की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाई जाए, जिससे कोई भी पात्र किसान लाभ से वंचित न रहे।

संयुक्त निदेशक राठौड़ द्वारा उपस्थित सभी सदस्यों का स्वागत करते हुए विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत जिले में हो रहे कार्यों की जानकारी प्रस्तुत की गई। उन्होंने बताया कि खरीफ 2025 के दौरान जिले में कुल 6968 मिनी किट्स का वितरण किया गया, जिसमें दलहन एवं तिलहन फसलों को बढ़ावा देने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया गया। जिला कलेक्टर ने इस पर संतोष व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि आगामी सत्रों में भी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए तथा इनके परिणामों का नियमित मूल्यांकन किया जाए।
बैठक में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिशियरी ट्रांसफर) योजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि किसानों को अनुदान राशि सीधे उनके खातों में हस्तांतरित की जा रही है, जिससे पारदर्शिता एवं समयबद्धता सुनिश्चित हो रही है। राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के अंतर्गत चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रमों एवं गतिविधियों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि अधिक से अधिक किसानों को इससे जोड़ा जाए तथा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जाए।
नेशनल मिशन ऑन ऑयलसीड्स एंड ऑयल पाम योजना के अंतर्गत जिले में तिलहन उत्पादन बढ़ाने के प्रयासों पर चर्चा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराते हुए लक्ष्य की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही परम्परागत कृषि विकास योजना एवं राष्ट्रीय मिशन ऑन सस्टेनेबल एग्रीकल्चर के तहत चल रही गतिविधियों की भी समीक्षा की गई।
बैठक में उर्वरक टास्क फोर्स के अंतर्गत जिले में उर्वरकों की उपलब्धता एवं कालाबाजारी पर नियंत्रण की स्थिति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत किसानों को अधिकाधिक लाभान्वित करने हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार एवं समयबद्ध क्लेम निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक के अंत में जिला कलक्टर ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया, ताकि अधिक से अधिक किसानों को लाभान्वित किया जा सके और कृषि क्षेत्र में समग्र विकास सुनिश्चित हो।
