राजसमन्द में आज ‘ड्राई डे’ है, यानी सरकारी आदेश के मुताबिक शराब की दुकानें पूरी तरह बंद रहनी चाहिए। लेकिन राजसमंद जिला मुख्यालय से जो तस्वीरें सामने आई हैं, वो प्रशासन के दावों की पोल खोलने के लिए काफी हैं। पुलिस चौकी के चंद कदमों की दूरी पर शराब माफिया बेखौफ होकर जाम छलका रहे हैं और विभाग चैन की नींद सो रहा है।”

जिला मुख्यालय के बिल्कुल समीप, कांकरोली पुलिस चौकी के कुछ दूरी पर ‘ड्राई डे’ की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। मीडिया के कैमरे ने वो सच कैद किया है जिसे जिम्मेदार अधिकारी देखना नहीं चाहते।”
“देखिए इन तस्वीरों को… दुकान का शटर आधा गिरा है, लेकिन धंधा पूरा चालू है। बेझिझक होकर शटर के नीचे से शराब की बोतलें ग्राहकों के हाथों में थमाई जा रही हैं। न पुलिस का डर, न आबकारी विभाग का खौफ। हैरानी की बात यह है कि यह खेल एक दुकान पर नहीं, बल्कि इलाके की कई दुकानों पर धड़ल्ले से जारी है।”
“सवाल यह उठता है कि आखिर इन शराब माफियाओं को किसका संरक्षण प्राप्त है? क्या पुलिस चौकी के पास हो रही इस अवैध बिक्री की भनक संबंधित विभाग को नहीं है? या फिर ‘ड्राई डे’ पर होने वाली यह कमाई ऊपर तक पहुंच रही है? जब मीडिया का कैमरा इस कालाबाजारी को पकड़ सकता है, तो पुलिस की नजरें इन पर क्यों नहीं पड़तीं?”
“अब देखना यह होगा कि खबर दिखाए जाने के बाद आबकारी विभाग और स्थानीय प्रशासन इन दुकानदारों पर क्या कार्रवाई करता है, या फिर हर बार की तरह कागजी कार्रवाई कर फाइल को दबा दिया जाएगा।
