श्रीमान सदस्य सचिव, राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अध्यक्ष एवं जिला एवं सेशन न्यायाधीश श्रीमती अल्का शर्मा के निर्देशन में ट्रांसफोरमेटिव ट्यूज डे अभियान के अंतर्गत मंगलवार को जिले के विभिन्न सरकारी एवं निजी विद्यालयों में “अजनबियों से सावधान-मना करो, दूर जाओ, बताओ” विषय पर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए गए।

शिविरों का उद्देश्य बच्चों को अनजान व्यक्तियों से जुड़े संभावित खतरों की पहचान करने, असुरक्षित परिस्थितियों से बचने तथा आवश्यकता पड़ने पर विश्वसनीय वयस्क से सहायता प्राप्त करने के संबंध में सरल एवं व्यवहारिक जानकारी प्रदान करना रहा।
जिला एवं सेशन न्यायाधीश श्रीमती अल्का शर्मा एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सचिव श्री भारत भूषण पाठक द्वारा महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, मोही में विधिक साक्षरता शिविर आयोजित किया गया। इस दौरान बच्चों को “मना करो, दूर जाओ, बताओ” सुरक्षा सूत्र के माध्यम से समझाया गया कि किसी असुरक्षित अथवा असहज अनुरोध या व्यवहार की स्थिति में स्पष्ट रूप से “मना करें”, ऐसी परिस्थिति से तत्काल “दूर जाकर” सुरक्षित स्थान अथवा विश्वसनीय वयस्क के पास जाएं तथा घटना की जानकारी तत्काल माता-पिता, शिक्षक, अभिभावक अथवा अन्य विश्वसनीय व्यक्ति को “बताएं”। बच्चों को ऑनलाइन अजनबियों, संदिग्ध संदेशों, अनजान संपर्कों तथा व्यक्तिगत जानकारी एवं फोटो साझा करने से जुड़े जोखिमों के बारे में भी जागरूक किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में पौधारोपण भी किया गया।

अभियान के तहत राजसमंद मुख्यालय पर पारिवारिक न्यायालय के न्यायाधीश डॉ. सूर्यप्रकाश पारिक, पॉक्सो न्यायालय की न्यायाधीश श्रीमती पूर्णिमा गौड़, एसीडी न्यायालय के न्यायाधीश श्री अनील कुमार शर्मा, अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश श्री सुनील कुमार ओझा, एससी/एसटी न्यायालय की न्यायाधीश श्रीमती अभिलाषा शर्मा, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री भारत भूषण पाठक, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री धर्मेंद्र कुमार शर्मा, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती ज्योति शर्मा, प्रधान मजिस्ट्रेट किशोर न्याय बोर्ड श्रीमती साक्षी शर्मा, न्यायिक मजिस्ट्रेट सुश्री मोनिका राजपुरोहित तथा विशिष्ट न्यायाधीश, एनआई एक्ट प्रकरण श्री यतींद्र चौधरी द्वारा विभिन्न विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
इसी प्रकार तालुका नाथद्वारा में अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश श्री पुरुषोत्तम लाल सैनी, अतिरिक्त न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री भरत सैनी एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट, एनआई एक्ट प्रकरण श्रीमती शिवानी सोलंकी, तालुका भीम में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती मनी वालिया, तालुका देवगढ़ में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती चारण आशा, तालुका आमेट में न्यायिक मजिस्ट्रेट सुश्री प्रियंका चौहान, तालुका कुंभलगढ़ में न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री प्रमोद तथा तालुका रेलमगरा में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुश्री अनुपमा भटनागर एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट सुश्री निविशा निमावत द्वारा विभिन्न विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कार्यक्रमों में बच्चों को उनके अधिकारों, व्यक्तिगत सुरक्षा एवं सुरक्षित व्यवहार के संबंध में आयु-उपयुक्त जानकारी प्रदान की गई। न्यायिक अधिकारीगण ने बच्चों को संदेश दिया कि किसी भी असहज, संदिग्ध अथवा असुरक्षित परिस्थिति में चुप नहीं रहें तथा बिना भय या झिझक के तत्काल “मना करो, दूर जाओ, बताओ” सुरक्षा सूत्र अपनाते हुए अपने माता-पिता, शिक्षक अथवा किसी विश्वसनीय वयस्क को इसकी जानकारी दें।
