राजसमंद। राजसमंद सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ एवं नाथद्वारा विधायक विश्वराज सिंह मेवाड़ ने गुरुवार को खमनोर मंडल के मोलेला क्षेत्र का दौरा कर विभिन्न कार्यक्रमों में सहभागिता की। इस दौरान उन्होंने खेल, पारंपरिक हस्तकला, धार्मिक आस्था तथा महिला स्वावलंबन से जुड़े कार्यक्रमों में भाग लिया और स्थानीय लोगों से संवाद किया।

मोलेला में आयोजित जिला स्तरीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता के समापन समारोह में सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ एवं विधायक विश्वराज सिंह मेवाड़ ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। प्रतियोगिता में जीतावास की टीम विजेता, कुंडिया की टीम उपविजेता तथा कुंवारिया की टीम तृतीय स्थान पर रही। अतिथियों ने विजेता एवं प्रतिभागी खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार के खेल आयोजन युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के लिए बेहतर मंच प्रदान करते हैं।
इसके बाद सांसद एवं विधायक ने हनुमानपुरा, मोलेला स्थित टेराकोटा हस्तकला केंद्रों का अवलोकन किया। उन्होंने कारीगर भग्गा जी कुम्हार एवं राजेंद्र जी कुम्हार से मुलाकात कर मोलेला की प्रसिद्ध टेराकोटा कला, इसके निर्माण की पारंपरिक प्रक्रिया, कारीगरों की मेहनत तथा हस्तशिल्प से जुड़े रोजगार के अवसरों की जानकारी ली। उन्होंने स्थानीय शिल्पकारों से बातचीत करते हुए इस पारंपरिक कला को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और इसके उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने पर भी चर्चा की।

सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ एवं विधायक विश्वराज सिंह मेवाड़ ने मोलेला खेड़ा स्थित देवी माता मंदिर में दर्शन कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।
कार्यक्रम के अगले चरण में महाराणा प्रताप सभागार, पंचायत समिति खमनोर में आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया गया। यहां राजीविका से जुड़ी महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की सदस्यों ने अपने द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों की जानकारी दी तथा अपनी सफलता की कहानियां साझा कीं।
महिलाओं ने बताया कि किस प्रकार उन्होंने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर छोटे स्तर से शुरुआत की और आज अपने उत्पाद तैयार कर उनका विक्रय करते हुए आत्मनिर्भरता एवं आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। सांसद एवं विधायक ने महिलाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि स्वयं सहायता समूह ग्रामीण महिलाओं के लिए केवल आजीविका का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, स्वावलंबन और सामाजिक सशक्तिकरण का मजबूत आधार बन रहे हैं।
इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी, राजीविका से जुड़े प्रतिनिधि, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं, शिल्पकार, खिलाड़ी एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
