जिला पुलिस अधीक्षक श्री हेमंत कलाल ने शनिवार को रेलमगरा थाना परिसर में जनसुनवाई कर आमजन के परिवाद सुने। उन्होंने परिवादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित जांच अधिकारियों को प्रकरणों में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई कर शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। जनसुनवाई के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेंद्र कुमार पारीक एवं नाथद्वारा वृत्ताधिकारी शिप्रा राजावत भी उपस्थित रहे।
जनसुनवाई में आपसी विवाद, भूमि एवं संपत्ति विवाद सहित विभिन्न प्रकरण सामने आए, जिन पर पुलिस अधीक्षक ने संबंधित अधिकारियों से वस्तुस्थिति की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान आमजन को साइबर अपराधों से बचाव, संदिग्ध गतिविधियों के प्रति सजग रहने तथा यातायात नियमों की पालना के संबंध में भी जागरूक किया गया।
पुलिस अधीक्षक हेमंत कलाल ने क्षेत्र में चोरी की घटनाओं की रोकथाम के लिए पुलिस के साथ ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता पर जोर दिया। उन्होंने बामनिया कला गांव में ग्रामीणों द्वारा प्रत्येक घर की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए की जा रही रात्रि गश्त की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था को मॉडल के रूप में अन्य थाना क्षेत्रों के गांवों में भी अपनाया जा सकता है। योजनाबद्ध तरीके से ग्रामीणों की सहभागिता से रात्रि गश्त की व्यवस्था विकसित होने पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने में सहयोग मिलेगा। पुलिस अधीक्षक ने बामनिया कला की पहल से प्रेरित होकर कांस्टेबल जैन कुमार द्वारा जीतावास एवं मोर्रा गांव में गश्ती दल गठित करवाकर रात्रि गश्त प्रारंभ करवाने की भी सराहना की।
जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने थाना परिसर में पुलिस विभाग एवं सरकार की मंशानुरूप गतिविधियों का संचालन सुनिश्चित रखने तथा अन्य संस्थाओं से संबंधित गतिविधियों एवं कार्यों को थाना परिसर में अन्य उपयुक्त स्थान पर संचालित करने की मांग भी रखी।
क्षेत्र में हो रही वाहन दुर्घटनाओं के दृष्टिगत अधिकारियों ने आमजन से यातायात नियमों की गंभीरता से पालना करने की अपील की। उन्होंने वाहन चलाते समय हेलमेट एवं सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने तथा निर्धारित यातायात नियमों का पालन करने का संदेश दिया। अधिकारियों ने कहा कि यातायात नियमों की पालना केवल चालान से बचने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि स्वयं एवं दूसरों के जीवन की सुरक्षा के लिए की जानी चाहिए।
