राजसमंद के अनंता अस्पताल से एक बेहद दर्दनाक और सवाल खड़े करने वाली खबर सामने आई है। सियाणा निवासी अभय सिंह चौहान, जो पिछले दो दिनों से अस्पताल में भर्ती थे और पूरी तरह स्वस्थ बताए जा रहे थे… आज ऑपरेशन के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में उनकी मौत हो गई। परिजनों का दावा है कि अभय सिंह खुद अपने पैरों पर चलकर ऑपरेशन थिएटर के अंदर गए थे, लेकिन डॉक्टरों ने कुछ ही देर बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पीछे छूट गए छोटे-छोटे मासूम बच्चे और रोता-बिलखता परिवार… परिजनों का साफ आरोप है कि यह मौत नहीं, बल्कि डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन की सीधी लापरवाही है। घटना के बाद से ही पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए अस्पताल के बाहर स्थानीय लोगों और परिजनों का शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी है। स्थिति को संभालते हुए मौके पर पुलिस प्रशासन भी मौजूद है।

लेकिन इस पूरे मामले ने एक नया मोड़ तब ले लिया, जब अस्पताल का स्टाफ और मेडिकल छात्र खुद सड़क पर उतर आए। अनंता अस्पताल के कर्मचारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग को बीचों-बीच जाम कर दिया, जिससे उदयपुर-जयपुर राजमार्ग पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं और आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

एक तरफ जहां एक परिवार ने लापरवाही के कारण अपने कमाने वाले को खो दिया है, वहीं दूसरी तरफ सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या किसी निजी संस्थान के स्टाफ को इस तरह राष्ट्रीय राजमार्ग जाम करने का अधिकार है? क्या आम जनता का रास्ता रोकना जायज है? पुलिस प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है— आखिर ऑपरेशन थिएटर के भीतर उस वक्त क्या हुआ था?
