आस्था, श्रद्धा और अटूट विश्वास का प्रतीक “भव्य परशुराम कावड़ यात्रा 2026 अपने 32वें वर्ष में कदम रख चुकी है। इस पावन यात्रा की निर्विघ्न सफलता और लोक-कल्याण के लिए प्रथम और बेहद शुभ कदम उठा लिया गया है। यात्रा को सानंद और सकुशल संपन्न कराने के उद्देश्य से सबसे पहले विघ्नहर्ता, गौरी पुत्र भगवान श्री मंशापूर्ण महागणपति जी का पूरे विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर प्रथम निमंत्रण दिया गया। इसके साथ ही, चारों धामों और विभिन्न पवित्र नदियों सहित त्रिगुणीनारायण के पावन जल का मंत्रोच्चार के साथ पूजन किया गया, जिसे कावड़ में भरकर देवाधिदेव शिव शंभू को अर्पित किया जाएगा।

इतना ही नहीं, 976 वर्ष प्राचीन स्वयंभू शिवलिंग श्री गुप्तेश्वर महादेव मंदिर में संपूर्ण ब्रह्मांड के अधिपति को यात्रा की सफलता के लिए सादर निमंत्रित किया गया। आयोजकों का मानना है कि कावड़ यात्रा सिर्फ एक यात्रा नहीं, बल्कि आत्मा का परमात्मा से मिलन का उत्सव है। ऋद्धि-सिद्धि के दाता भगवान गणेश जी के आशीर्वाद से इस वर्ष की यह 32वीं परशुराम कावड़ यात्रा बेहद अलौकिक और भव्य होने जा रही है।

इस अवसर पर कावड़ यात्रा आयोजन समिति के अध्यक्ष युधिष्ठिर बोहरा, अखिल भारत हिंदू क्रांति सेना के प्रदेश प्रभारी मनीष पालीवाल, कार्यक्रम संयोजक रतन लक्षकार, अंकित सिंघवी, केसर सिंह चुण्डावत, विपिन सिंह राठौड़, मदनलाल गुर्जर, महेश पूर्बिया, विवेक नायक, आशुतोष वैष्णव, पन्नालाल जी कुमावत, कार्तिक नंदवाना, नयन नंदवाना, पंकज कुमावत और रतनलाल कुमावत सहित समिति के कई गणमान्य सदस्य व शिव भक्त उपस्थित रहे।
