राजसमन्द में खाद्य सुरक्षा एवं औषधी नियंत्रण डॉ टी. शुभमंगला के निर्देश पर जिला मुख्यालय स्थित अणुव्रत विश्व भारती सभागार में दो बैच में लगभग 800 से अधिक प्रतिभागीयों को खाद्य पदार्थो के सुरक्षित संग्रहण, सुरक्षित बनाने एवं विक्रय करने को लेकर प्रशिक्षण दिया गया।
सीएमएचओ डॉ हेमन्त कुमार बिन्दल ने बताया कि प्रशिक्षण में मिड डे मिल प्रभारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, अन्नपूर्णा रसाई में कार्यरत कार्मिक, राजिविका समुह के प्रतिनिधि, विभिन्न होटल एवं रेस्टोरंट, मिठाई विक्रेता, डेयरी संचालक, कचौरी, समोसा व नमकीन विक्रेता एवं खाद्य कारोबार में शामिल लोगो ने उत्साह के साथ भाग लिया।
प्रशिक्षण में खाद्य पदार्थो के उचित रखरखाव, शुद्ध खाद्य पदार्थो के उपयोग तथा मिलावटी खाद्य पदार्थो की पहचान के घरेलु जांच की जानकारी दी गई। फास्ट फूड व जंक फूड के सीमित उपयोग व मोटे अनाज का उपयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया। कोल्डड्रींक व डिब्बाबंद खाद्य पदार्थो के स्थान पर स्वदेशी प्रचलित पेय पदार्थ गन्ने का रस, छाछ, लस्सी का उपयोग करने की सलाह दी गई।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी प्रेमचन्द शर्मा ने यूज्ड कुकिंग ऑयल के उपयोग करने पर होने वाले हानिकारक प्रभावो के बारे में विस्तार से जानकारी दी तथा सभी विक्रेताओं को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के अनुसार शुद्ध खाद्य पदार्थोके विक्रय हेतु निर्देशित किया।
ट्रेनिंग पार्टनर इण्डिनीर्स प्राइवेट लिमिटेड ट्रेनिंग पार्टनर हर्षवर्धन ताम्ब्रकार द्वारा होटल व रेस्टोरंट संचालको को खाद्य पदार्थाे के उचित तापमान पर भण्डारण व उचित तापमान तक गर्म करने की जानकारी प्रदान की। पैक खाद्य पदार्थाे पर नियमानुसार बैच नम्बर, पैकिंग तिथि, यूज बाय डेट की आवश्यक जानकारी के साथ ही फोर्टीफिकेशन के बारे में भी बताया गया।
प्रतिभागियों को इण्डिनीर्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधी योगेश कन्नोजिया व जिला शिक्षा अधिकारी प्रारम्भिक राजेन्द्र चारण द्वारा सम्बोधित किया गया तथा प्रशिक्षण में दी गई जानकारी का निजी व सार्वजनिक जीवन में उपयोग करने की अपील की गई।
