राजसमंद में भीषण गर्मी की आहट के साथ ही जिला प्रशासन पेयजल व्यवस्था को लेकर पूरी तरह अलर्ट हो गया है। जिला कलक्टर अरुण कुमार हसीजा ने मंगलवार सुबह शहर की जलापूर्ति व्यवस्था का औचक निरीक्षण किया। कलक्टर केवल दफ्तरों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि उन्होंने फिल्टर प्लांट से लेकर आमजन के घरों तक पहुंचकर पानी की शुद्धता और प्रेशर की जमीनी हकीकत जानी।
निरीक्षण की शुरुआत साधना शिखर स्थित जल शोधन संयंत्र से हुई। यहाँ कलक्टर ने पानी के शुद्धिकरण की पूरी प्रक्रिया को बारीकी से देखा और अमृत 2.0 योजना के तहत बने फिल्टर प्लांट की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि शहरवासियों की सेहत से कोई समझौता नहीं होगा।
कलक्टर ने खुद अपनी मौजूदगी में क्लोरीन के नमूनों की जांच करवाई और अधिकारियों से गुणवत्ता पर सवाल-जवाब किए।
अधिकारियों के दावों को परखने के लिए कलक्टर सीधे लोगों के घरों के भीतर तक गए। महिलाओं और बुजुर्गों से पूछा— “पानी समय पर आता है या नहीं? प्रेशर कैसा है? गंदा पानी तो नहीं आ रहा?”
निरीक्षण के दौरान कलक्टर हसीजा ने जलदाय विभाग के अधिशासी अभियंता लोकेश सैनी और उनकी टीम को सख्त लहजे में निर्देशित किया कि: जहाँ भी गंदे पानी की शिकायत मिले, वहाँ तत्काल सैंपल लेकर रिपोर्ट पेश करें। गर्मी को देखते हुए कम प्रेशर वाले क्षेत्रों में वैकल्पिक व्यवस्था तुरंत की जाए। फील्ड स्टाफ नियमित मॉनिटरिंग करे, ताकि शिकायतों का अंबार न लगे।
इस औचक निरीक्षण के दौरान उपखंड अधिकारी बृजेश गुप्ता, सहायक अभियंता दीपेश चौधरी सहित जलदाय विभाग की पूरी टीम मौजूद रही। कलक्टर के इस कड़े रुख से महकमे में हड़कंप मचा रहा, वहीं आमजन ने प्रशासन की इस सक्रियता की सराहना की है।
