राजसमंद। विधायक दीप्ति किरण माहेश्वरी ने क्षेत्रीय परिभ्रमण के दौरान क्षेत्रवासियों से सीधे संवाद करते हुए कहा कि ग्रेट निकोबार परियोजना का विरोध न तो पर्यावरण की चिंता से उपजा है और न ही किसी जनहित की भावना से; बल्कि यह देश की सुरक्षा और प्रगति के विरुद्ध एक सुनियोजित अभियान है। उन्होंने कहा कि भारत जैसे ही अपनी सामरिक व आर्थिक शक्ति को सुदृढ़ करने के कदम उठाता है, कुछ ताकतें अवरोध खड़ा करने लगती हैं।

विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने कहा कि चीन और कांग्रेस के संबंध स्पष्ट हैं और दोनों एक समझौते की डोर से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शहजादे राहुल गांधी द्वारा इस परियोजना का विरोध विदेशी शक्तियों के षड्यंत्र का भाग प्रतीत होता है। उनके अनुसार, जो दल विदेश में भारत की छवि धूमिल करता है, राष्ट्रीय परियोजनाओं का विरोध करता है, देश में अराजकता फैलाना घोषित नीति हो, ऐसे दल से सावधान रहने की आवश्यकता है।
विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ग्रेट निकोबार परियोजना भारत को समुद्री सुरक्षा और आर्थिक सामर्थ्य, दोनों मोर्चों पर सशक्त बनाएगी। यह परियोजना मलेशिया और सिंगापुर जैसे बंदरगाहों पर भारत की निर्भरता समाप्त करेगी, प्रतिवर्ष लगभग 2100 करोड़ रुपए की विदेशी मुद्रा की बचत होगी और लाखों युवाओं को रोजगार मिलेगा। राहुल गांधी का इस परियोजना का विरोध करना राष्ट्रीय हितों के साथ खिलवाड़ है और चीन के कुटिल उद्देश्यों की पूर्ति में सहायक है।
विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने नाथद्वारा, केलवा, राज्यावास, कोटड़ी, मक्खनपुरिया, कुंडिया, गिलुंड, जुणदा, जूणदा खेड़ी, मेघा खेड़ा, पीपली अहिरान एवं पीपली आचार्यान सहित विभिन्न क्षेत्रों का परिभ्रमण किया। उन्होंने वैवाहिक, मांगलिक एवं शोक प्रसंगों में भाग लिया तथा क्षेत्रवासियों की समस्याएँ सुनकर उनके समाधान का आश्वासन दिया।
