भोपाल में आयोजित युवा विधायक सम्मेलन के दौरान विभिन्न राज्यों से आए विधायकों के साथ अनौपचारिक वार्ता में राजसमंद विधायक दीप्ति किरण माहेश्वरी ने नक्सली हिंसा के दुष्प्रभाव और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि नक्सल मुक्त भारत अभियान मोदी सरकार की ऐतिहासिक उपलब्धि है।
विधायक दीप्ति ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और गृहमंत्री अमित शाह की रणनीति से देश नक्सलवाद से मुक्त हो गया है। यह परिवर्तन सुरक्षा के साथ विकास और विश्वास के समन्वय का परिणाम है।

उन्होंने कहा कि नक्सली हिंसा में अब तक करीब 20 हजार निर्दोष लोगों की जान गई है, जिसके लिए कांग्रेस की तुष्टिकरण की राजनीति जिम्मेदार रही है। कांग्रेस की वामपंथी विचारधारा ने 1970 के दशक से नक्सलियों को वैचारिक आधार दिया, जिससे हिंसा को बढ़ावा मिला। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना सत्ता के संरक्षण के तिरुपति से पशुपतिनाथ तक फैला ‘रेड कॉरिडोर’ संभव नहीं था।
विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में गठित राष्ट्रीय सलाहकार परिषद (NAC) में नक्सल समर्थक तत्व प्रभावी रहे, जो नीतिगत प्राथमिकता को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का दोहरा एजेंडा नक्सली उग्रवाद का समर्थन और जिहादी मानसिकता को संरक्षण देना रहा है।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार स्पष्ट संदेश देती है कि जो हथियार उठाएगा, उसे कानून के दायरे में जवाब देना पड़ेगा। यह सरकार न्याय के सिद्धांत पर कार्य करती है। जिन क्षेत्रों में दशकों तक विकास नहीं पहुंचा, वहां आज सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंच रही हैं, जो समावेशी विकास का प्रमाण है।
