लालच इंसान को किस हद तक गिरा सकता है, इसका एक खौफनाक उदाहरण राजस्थान के राजसमन्द जिले में देखने को मिला है। जहाँ चंद रुपयों की बीमा राशि हड़पने के लिए सगे भाइयों ने ही अपने भाई की बेरहमी से हत्या कर दी और इसे एक सड़क हादसे का रूप देने की कोशिश की। लेकिन देवगढ़ पुलिस की पैनी नजरों और तकनीकी जांच ने इस अंधे कत्ल का पर्दाफाश कर दिया है।”
मामला देवगढ़ थाना क्षेत्र का है, जहाँ बीते दिनों कुण्डेली रोड पर देवीसिंह रावत नामक युवक का शव और उसकी क्षतिग्रस्त बाइक मिली थी। मृतक के भाई दूधसिंह ने पुलिस में रिपोर्ट दी थी कि उसके भाई की मौत किसी अज्ञात वाहन की टक्कर से हुई है। पुलिस ने जब मामले की तहकीकात शुरू की, तो परतें खुलती चली गईं।
पुलिस अधीक्षक हेमन्त कलाल के निर्देशन में बनी स्पेशल टीम को मृतक की मोबाइल लोकेशन और हाल ही में करवाई गई भारी-भरकम ‘बीमा पॉलिसियों’ पर शक हुआ। जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, तो रोंगटे खड़े कर देने वाला सच सामने आया।
मुख्य आरोपी दूधसिंह और भगवानसिंह ने अपने दो अन्य साथियों टीकमसिंह और सुरेंद्रसिंह के साथ मिलकर देवीसिंह को ठिकाने लगाने का प्लान बनाया था। आरोपियों ने पहले देवीसिंह का एक्सीडेंटल बीमा करवाया। इसके बाद उसे गुजरात से बहाने से घर बुलाया। घटना की रात उसे जमकर शराब पिलाई गई और फिर सुनसान रास्ते पर पत्थर से उसके सिर पर वार किए गए। साजिश को अंजाम देने के लिए उसे चलती बाइक से नीचे फेंक दिया गया ताकि यह पूरी वारदात एक ‘सड़क दुर्घटना’ नजर आए।
पुलिस ने चारों को गिरफ्तार कर लिया हे। पुलिस अब इस बात की तस्दीक कर रही है कि आरोपियों ने कुल कितनी राशि का बीमा करवाया था और क्या इसमें किसी अन्य बाहरी व्यक्ति की भी संलिप्तता है।
रिश्तों को शर्मसार करने वाली इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। फिलहाल चारों आरोपी सलाखों के पीछे हैं।
