पुलिस विभाग एवं शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में “N-CORD: An Initiative for Drug Free Rajsamand” के तहत आयोजित प्रतियोगिता में जिले के सभी 8 ब्लॉकों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर नशामुक्त समाज के निर्माण का संदेश दिया। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा युवा पीढ़ी को नशामुक्त जीवन के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया गया।
एडीईओ राजेन्द्र सिंह चारण ने बताया कि प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कृत किया गया। प्रतियोगिता में 9 विद्यार्थियों ने प्रथम, 13 विद्यार्थियों ने द्वितीय तथा 10 विद्यार्थियों ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त 17 विद्यार्थियों को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए गए। इस प्रकार कुल 49 विद्यार्थियों को पुरस्कृत कर नशामुक्त समाज के निर्माण में उनकी सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया गया।

उन्होंने बताया कि प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रत्येक विद्यार्थी को पुरस्कार स्वरूप 1,200 रुपये का उपहार तथा 500 रुपये की राशि बैंक खाते में जमा करवाई गई। द्वितीय स्थान प्राप्त प्रत्येक विद्यार्थी को 800 रुपये का उपहार एवं 300 रुपये की राशि बैंक खाते में जमा करवाई गई। इसी प्रकार तृतीय स्थान प्राप्त प्रत्येक विद्यार्थी को 300 रुपये का उपहार एवं 200 रुपये की राशि बैंक खाते में जमा करवाई गई। सांत्वना पुरस्कार प्राप्त प्रत्येक विद्यार्थी को 200 रुपये का उपहार तथा 200 रुपये की राशि बैंक खाते में जमा करवाई गई।
जिला स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को भी विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। जिला स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त विद्यार्थी को 10,000 रुपये, द्वितीय स्थान प्राप्त विद्यार्थी को 5,000 रुपये तथा तृतीय स्थान प्राप्त विद्यार्थी को 3,000 रुपये की पुरस्कार राशि आगामी 15 अगस्त को चेक के माध्यम से प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा।

कार्यक्रम में जिला कलक्टर अरुण कुमार हसीजा, जिला पुलिस अधीक्षक हेमंत कलाल, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी नूतन प्रकाश जोशी, एन-कॉर्ड से जुड़े अधिकारी, संबंधित विद्यालयों के प्रतिनिधि, शिक्षकगण तथा छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। अधिकारियों ने विद्यार्थियों की सहभागिता की सराहना करते हुए कहा कि नशामुक्त समाज के निर्माण में युवा पीढ़ी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों में जागरूकता और सकारात्मक सोच विकसित कर नशे के विरुद्ध व्यापक सामाजिक चेतना का निर्माण किया जा सकता है।
प्रतियोगिता में विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने जिले में नशामुक्ति के संदेश को और अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों ने स्वयं नशे से दूर रहने तथा समाज में भी नशामुक्ति का संदेश पहुंचाने का संकल्प मजबूत किया।
