राजसमन्द जिला पुलिस अधीक्षक राजसमंद हेमंत कलाल द्वारा कार्यभार संभालने के उपरांत आज पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागार में जिले के समस्त पुलिस अधिकारियों की पहली महत्वपूर्ण ‘क्राइम मीटिंग’ आयोजित की गई। इस बैठक में जिले के सभी वृत्ताधिकारी (DSP) और थानाधिकारियों ने भाग लिया।
एसपी ने थानेवार लंबित प्रकरणों (Penduency) की समीक्षा की और पुराने मामलों के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। विशेषकर महिलाओं, बच्चों और कमजोर वर्गों के विरुद्ध होने वाले अपराधों में ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाने पर जोर दिया गया।
जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रभावी रात्रि गश्त (Night Patrol) और नाकाबंदी को और अधिक सख्त करने के निर्देश दिए गए।
अवैध शराब, मादक पदार्थों की तस्करी और खनन माफियाओं के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई करने के आदेश दिए गए।
थानाधिकारियों को आमजन के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने और परिवादियों की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुनने के लिए निर्देशित किया गया।
अपराध अनुसंधान में आधुनिक तकनीक और सीसीटीवी कैमरों के जाल को बढ़ाने पर चर्चा की गई।
बैठक में अतिरिक्त जिला पुलिस अधीक्षक, समस्त वृत्ताधिकारी और जिले के सभी थानाधिकारी मौजूद रहे। एसपी ने स्पष्ट किया कि पुलिस की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और ईमानदारी सर्वोपरि होनी चाहिए।
