प्रदेश में संचालित गर्भवती महिलाओं के विशेष हेल्थ स्क्रीनिंग अभियान के दौरान जिले में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में प्रसव की दृष्टी से उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की जांच पर विशेष ध्यान दिया गया, तथा आशाओं एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के माध्यम से गर्भवती महिलाओं के साथ – साथ, अपने क्षेत्र में चिन्हीत हाईरिस्क प्रेग्नेंट महिलाओं की जांच हेतु चिकित्सा संस्थानो पर आमंत्रित किया गया।

जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ सुरेश मीणा ने बताया कि जिले में स्थित पीएचसी, सीएचसी, सैटेलाइट, उपजिला एवं जिला चिकित्सालयों में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का आयोजन किया गया। यह अभियान प्रतिमाह की दिनांक 9,18 व 27 को आयोजित किया जाता रहा है। लेकिन इस बार सभी संस्थानो पर सुरक्षित संस्थागत प्रसव के लिये हाईरिस्क प्रेग्नेंट महिलाओं की चिकित्सकीय जांच कर आवश्यक दवाईंयां, रेफरल की सुविधाओं, संस्थागत प्रसव की तैयारीयों की जानकारी देने के साथ – साथ, पोषण सम्बन्धी सलाह दी गई।

उन्होंने बताया कि जिले में पीएमएसएमए डे पर 4 हजार 805 गर्भवती महिलाओं की जांच हुई, जिसमें से पूर्व चिन्हीत 971 गर्भवती महिलाओं की पूनः गुणवत्तापूर्ण प्रसवपूर्व जांच की गई, अभियान में जाचं के बाद 19 गर्भवती महिलाओं को हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं के रूप में चिन्हीत किया गया तथा एनिमिया प्रबंधन के लिये 359 गर्भवती महिलाओं को एफसीएम इंजेक्शन से लाभान्वित किया गया। अभियान के तहत अपने गर्भकाल की दूसरी व तीसरी तिमाही में पहली बार पहुंचने वाली गर्भवती महिलाओं को निःशुल्क सोनोग्राफी हेतु मां वाउचर से लाभान्वित किया गया।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में गर्भवती महिलाओं को एचआईवी एवं सिफेलिस की जांच, खुन की जांच, पेशाब की जांच, वजन, ब्लड प्रेशर की जांच, पेट की जांच, प्रसव पूर्व इतिहास की जानकारी के साथ ही आईएफए की गोलियां, टीटी के इन्जेक्शन, कैल्शियम की गोली तथा आवश्यकता होने पर एफसीएम इंजेक्शन जैसी सेवायें प्रदान की गई।
जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ सुरेश मीणा ने प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत आर.के जिला चिकित्सालय, जिला चिकित्सालय नाथद्वारा, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सालोर में जारी गतिविधियों का पर्यवेक्षण किया तथा स्टाॅफ को रिकार्ड संधारण एवं सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिये। अभियान की मोनिटरिंग के लिये जिला स्तरीय अधिकारीयों सहित ब्लाॅक स्तरीय विभागीय अधिकारी चिकित्सा संस्थानो पर पहुंचे तथा गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाओं की सुनिश्चिता के लिये आवश्यक सुझाव एवं निर्देश प्रदान किये।
