गर्भवती महिलाओं, प्रसुताओं एवं बच्चो को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवायें देने , रिकार्ड संधारण, हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं के प्रसव पूर्व आवश्यक जानकारी प्रदान करने एवं सुरक्षित प्रसव बेहतर स्वास्थ्य प्रबंधन को लेकर विस्तार से जानकारी दी गई।

जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ सुरेश मीणा ने बताया कि जिले के 70 से अधिक सेक्टर पर बैठको का आयोजन किया गया। जिसमें चिकित्सा अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, एलएचवी, महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता, आशाओं ने भाग लिया तथा प्रसव की दृष्टी से उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान कर, उनकी विशेष देखभाल करने, गर्भावस्था के दौरान घरवालो को आवश्यक जानकारी देकर प्रसव की पूर्व तैयारी करने तथा उच्च चिकित्सा संस्थानो से बेहतर समन्वय करने के लिये आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये।

सेक्टर बैठको में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के रजिस्टर एवं अन्य सम्बन्धित रिकार्ड के संधारण की जांच, प्रसव पूर्व जांच स्क्रीनिंग की विस्तृत समीक्षा तथा अवलोकन के दौरान पाई गई कमीयों पर आवश्यक दिशा निर्देश जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारीयों द्वारा प्रदान किये गये।
डॉ सुरेश मीणा ने बताया कि सभी सैक्टर बैठको में सभी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं एवं आशा को निर्देशित किया गया है कि वे अपने क्षैत्र की हाईरिस्क प्रेगनेन्ट महिलाओं को आज 18 जुलाई को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र से लेकर जिला चिकित्सालय पर आयोजित होने वाले प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में जरूर लेकर आवे। जिससे उन महिलाओं की स्वास्थ्य की जांच व आवश्यक चिकित्सकीय सलाह स्त्री एवं प्रसुति रोग विशेषज्ञ या चिकित्सा अधिकारी द्वारा दी जा सके तथा गुणवत्तापूर्ण जांच हो सके।
अभियान के दौरान जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ सुरेश मीणा ने केलवा, डिप्टी सीएमएचओ परिवार कल्याण डॉ महेन्द्र सिंह खंगारोत ने खमनोर व नाथद्वारा, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ रामनिवास जाट ने कुम्भलगढ़ ब्लॉक, डॉ राष्ट्रसहना आजाद ने रेलमगरा, राजसमंद शहरी एवं देलवाड़ा, डॉ अनिल जैन ने भीम व देवगढ़, जिला कार्यक्रम प्रबंधक आशीष दाधीच ने रेलमगरा व कुरज, शहरी कार्यक्रम प्रबंधक कृष्णकांत वसीटा ने देलवाड़ा, जिला आशा समन्वयक हरिशंकर शर्मा ने आमेट ब्लॉक में आयोजित सैक्टर बैठको का पर्यवेक्षण किया तथा आवश्यक दिशा निर्देश दिये। अभियान में सभी बीसीएमओ, बीपीओ व एलएचवी ने अपने अपने क्षैत्र में सैक्टर बैठको की मोनिटरिंग की तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं पर विस्तार से समीक्षा की।
