जिले में अब शादी विवाह, अन्य धार्मिक व सामाजिक आयोजनो हेतु भोजन बनाने व परोसन के लिये हलवाई व केटर्स को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के अन्तर्गत पंजीकरण कराना अनिवार्य हो गया है। इस सम्बन्ध में आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधी नियंत्रण डॉ टी शुभ मंगला द्वारा संपूर्ण राज्य में मानक संचालन प्रक्रिया जारी की गई है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी प्रेमचंद शर्मा ने बताया कि जिले के सभी वैवाहिक स्थल, मैरिज गार्डन, बैंक्वेट हॉल, धर्मशाला में कोई भी धार्मिक व सामाजिक आयोजन में सामुहिक भोजन का कार्यक्रम आयोजित किया जाता है, तो आयोजनकर्ता को इस विषय में समस्त जानकारी जैसे आयोजनकर्ता का नाम व मोबाईल नम्बर, आयोजन स्थल, निर्धारित दिनांक, लाभान्वित व्यक्तियों की संख्या, हलवाई तथा कैटर्स के लाइसेंस आदि की जानकारी अभिहित अधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को देनी होगी।
मैरिज गार्डन, बैक्वेंट हॉल, धर्मशाला के संचालको को यह सुनिश्चत करना होगा कि उनके परिसर में जो भी बुकिंग हो, उसमें केवल लाइसेंस धारी हलवाई व केटर्स ही सेवाएं दे। जांच के दौरान विभाग की ओर से मांगी गई जानकारी छूपाने व निरीक्षण में बाधा डालने पर मैरिज गार्डन तथा होटल संचालको पर भी कार्यवाही की जायेगी।
बडे़ आयोजनो में खाद्य सुरक्षा अधिकारी जोखिम आधारित निरीक्षण करेंगे। इस दौरान भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल, खाद्य पदार्थो के भंडारण, तापमान नियंत्रण सहित सभी खाद्य सुरक्षा मानको की जांच की जायेगी। विभाग का उदे्श्य विवाह व सार्वजनिक कार्यक्रमो में होने वाले फूड प्वाइजनिंग की घटनाओं को रोकना है।
