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यूपीआई पर कांग्रेस का दुष्प्रचार देश की वित्तीय आत्मनिर्भरता पर सीधा हमला : विधायक दीप्ति किरण माहेश्वरी

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विधायक दीप्ति किरण माहेश्वरी ने यूपीआई को लेकर कांग्रेस के दुष्प्रचार को तथ्यों से परे और जनता को भ्रमित करने वाली राजनीति बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की पुरानी नकारात्मक राजनीति अब डिजिटल भारत की सफलता पर भी सवाल उठाने तक पहुंच गई है। यूपीआई भारत की तकनीकी क्षमता, वित्तीय आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास का प्रतीक है। ऐसी व्यवस्था के संबंध में आधी-अधूरी जानकारी फैलाकर भ्रम पैदा करना देशहित के साथ सीधा खिलवाड़ है।

विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने कहा कि अगस्त 2026 में यूपीआई के माध्यम से 24,501 करोड़ लेन-देन हुए, जिनका कुल मूल्य करीब 298 खरब रुपये रहा। व्यक्ति से व्यक्ति (P2P) सभी यूपीआई लेन-देन पूरी तरह निःशुल्क रहेंगे, राशि चाहे कितनी भी हो। ₹2,000 तक के व्यापारी भुगतान भी निःशुल्क हैं और लगभग 96 प्रतिशत व्यापारी लेन-देन वर्तमान व्यवस्था में प्रभावित नहीं होंगे।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को हर जनहितकारी और तकनीकी उपलब्धि में राजनीति खोजने के बजाय तथ्यों को समझना चाहिए। ₹2,000 से अधिक के कुछ निर्धारित व्यापारी लेन-देन पर लागू एमडीआर न तो ग्राहक से वसूला जाने वाला शुल्क है और न ही सरकार द्वारा लगाया गया कर। इसके बावजूद इसे कर के रूप में प्रचारित करना जनता को भ्रमित करने का प्रयास है। कांग्रेस पार्टी प्रारंभ से ही यूपीआई का विरोध करती रही है, और अब बड़े लेनदेन पर नाम मात्र के शुल्क को मुद्दा बनाकर देश की जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है।

विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यूपीआई और रुपे जैसी स्वदेशी व्यवस्थाओं ने भारत को डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में वैश्विक पहचान दिलाई है। कांग्रेस की भ्रम और विरोध की राजनीति भारत की इस उपलब्धि को कमतर नहीं कर सकती।

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