राजसमंद आगामी 1 मई से प्रारंभ होने वाली जनगणना एवं स्व-गणना कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन को लेकर शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार राजसमंद में उपखंड एवं चार्ज अधिकारियों का रिफ्रेशर प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। प्रशिक्षण शिविर में जिले के समस्त उपखंड अधिकारी, तहसीलदार, नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी तथा जनगणना कार्य से जुड़े विभिन्न अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण का उद्देश्य जनगणना एवं स्व-गणना प्रक्रिया को सुचारू, त्रुटिरहित एवं प्रभावी रूप से संपादित करने के लिए अधिकारियों को अद्यतन जानकारी प्रदान करना रहा।

प्रशिक्षण सत्र में जनगणना निदेशालय से डॉ. पुलकित शर्मा ने अधिकारियों को जनगणना की प्रक्रिया, प्रपत्रों के उपयोग, डेटा संकलन की विधि, स्व-गणना की व्यवस्था, डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग तथा फील्ड स्तर पर आने वाली संभावित चुनौतियों एवं उनके समाधान के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जनगणना एक अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है, जिसकी शुद्धता एवं विश्वसनीयता सुनिश्चित करने में प्रत्येक अधिकारी की भूमिका अहम है। उन्होंने अधिकारियों को जनगणना से जुड़े दिशा-निर्देशों, समयबद्ध कार्य निष्पादन तथा समन्वय के महत्व पर विशेष जोर दिया।
प्रशिक्षण के दौरान स्व-गणना प्रक्रिया को सरल एवं प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक तकनीकी पहलुओं की भी जानकारी दी गई। अधिकारियों को बताया गया कि नागरिकों की सहभागिता बढ़ाने और स्व-गणना के प्रति जागरूकता सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा। प्रशिक्षण में फील्ड प्रबंधन, पर्यवेक्षण व्यवस्था, रिकॉर्ड संधारण, रिपोर्टिंग प्रणाली तथा जनगणना कार्य में पारदर्शिता बनाए रखने संबंधी बिंदुओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
शिविर में उपस्थित उपखंड अधिकारियों, तहसीलदारों एवं अधिशासी अधिकारियों ने प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न जिज्ञासाएं रखीं, जिनका समाधान विशेषज्ञों द्वारा किया गया। प्रशिक्षण को संवादात्मक एवं व्यवहारिक स्वरूप दिया गया ताकि अधिकारी मैदानी स्तर पर बेहतर तरीके से कार्य कर सकें। अधिकारियों को जनगणना संबंधी दायित्वों के प्रभावी निर्वहन के लिए आवश्यक सावधानियों और प्रक्रियात्मक व्यवस्थाओं से भी अवगत कराया गया।
प्रशिक्षण शिविर में इस बात पर बल दिया गया कि जनगणना केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि विकास योजनाओं, नीति निर्माण एवं प्रशासनिक नियोजन की आधारशिला है। ऐसे में सभी अधिकारी गंभीरता, समन्वय एवं उत्तरदायित्व के साथ कार्य करें ताकि जिले में जनगणना कार्य सफलतापूर्वक संपादित हो सके। रिफ्रेशर प्रशिक्षण के माध्यम से अधिकारियों को जनगणना एवं स्व-गणना की अद्यतन प्रक्रिया से पुनः अवगत कराया गया, जिससे आगामी कार्यवाही को गति मिलेगी।
