जिला कलक्टर अरुण कुमार हसीजा की अध्यक्षता में शुक्रवार को प्लास्टिक मुक्त अभियान, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) एवं स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान जिला परिषद सीईओ बृजमोहन बैरवा, नगर परिषद आयुक्त विजयेश मंत्री कलेक्ट्रेट पहुंचे तो वहीं समस्त पंचायत समितियों के विकास अधिकारियों, नगर परिषद राजसमंद एवं जिले की सभी नगरपालिकाओं के अधिशासी अधिकारियों ने वीसी के माध्यम से भाग लिया। बैठक में स्वच्छता से जुड़े विभिन्न बिंदुओं की विभागवार समीक्षा करते हुए निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में जिला कलक्टर ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत व्यक्तिगत एवं सामुदायिक शौचालयों के निर्माण कार्य, उनकी जियो टैगिंग, सामुदायिक कॉम्पोस्ट पिट एवं वर्मी कॉम्पोस्ट पिट निर्माण, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था, बल्क वेस्ट जनरेटर सर्वे, ओडीएफ प्लस मॉडल वेरिफिकेशन तथा वेस्ट प्रोसेसिंग से संबंधित लंबित कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने सभी विकास अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित करने तथा लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट से संबंधित प्रस्तावों का शीघ्र प्रेषण, उत्कृष्ट कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों के नाम राज्य स्तरीय पुरस्कार हेतु भेजने, एसबीएम राजस्थान एप पर परिसंपत्तियों की अद्यतन सूचना अपलोड करने, शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने तथा नमस्ते योजना के अंतर्गत कचरा बीनने वाले व्यक्तियों की प्रोफाइलिंग निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूर्ण करने के निर्देश भी दिए।
स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) की समीक्षा के दौरान जिला कलक्टर ने लीगेसी वेस्ट के वैज्ञानिक निस्तारण एवं रेमिडिएशन कार्य में तेजी लाते हुए प्रोसेसिंग प्लांट शीघ्र प्रारंभ करने, घर-घर कचरा संग्रहण की शत-प्रतिशत व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त ऑटो-टिपर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्रोत स्तर पर कचरे के पृथक्करण को प्रभावी ढंग से लागू करने, पृथक किए गए कचरे का वैज्ञानिक प्रसंस्करण सुनिश्चित करने तथा एकल उपयोग प्लास्टिक (सिंगल यूज प्लास्टिक) प्रतिबंध की प्रभावी पालना कराने के निर्देश भी दिए।
बैठक में सामुदायिक एवं सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण कार्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने, गार्बेज वल्नरेबल प्वाइंट्स (जीवीपी) का चिन्हीकरण कर उनका नियमित उन्मूलन सुनिश्चित करने तथा स्वच्छता एप पर प्राप्त शिकायतों का शत-प्रतिशत एवं समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश भी दिए गए।
