ठिकाना परिवार मोही द्वारा राजपूत सामुदायिक भवन में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव के दूसरे दिन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और भगवान की भक्ति में लीन होकर कथा श्रवण किया। पूरे परिसर में भजन, कीर्तन और जयघोषों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।कथा वाचक पंडित विष्णुकांत शास्त्री ने श्रीमद्भागवत के दिव्य प्रसंगों का विस्तार से वर्णन करते हुए कहा कि भागवत कथा मनुष्य को सांसारिक मोह-माया से ऊपर उठकर ईश्वर की भक्ति और मानव सेवा का मार्ग दिखाती है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मनुष्य के जीवन में बढ़ती व्यस्तताओं और तनाव के बीच भागवत कथा आत्मिक शांति और जीवन को नई दिशा प्रदान करने का सबसे प्रभावी माध्यम है। अपने उद्बोधन में शास्त्री ने कहा कि भगवान की भक्ति से मनुष्य के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आते हैं तथा सच्चे मन से प्रभु का स्मरण करने वाले भक्तों पर भगवान की विशेष कृपा बनी रहती है। श्रीमद्भागवत कथा केवल सुनने का विषय नहीं है, बल्कि इसके संदेशों को जीवन में उतारने से ही वास्तविक लाभ प्राप्त होता है।

कथा के माध्यम से उन्होंने सत्य, सेवा, संस्कार, सदाचार और धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। कथा के दौरान श्रद्धालु भाव-विभोर होकर प्रभु भक्ति में डूबे नजर आए। महिलाओं, युवाओं एवं बुजुर्गों सहित सर्वसमाज के लोगों ने कथा श्रवण कर धर्म लाभ प्राप्त किया। कथा स्थल पर आकर्षक सजावट के साथ भक्तों के लिए विशेष व्यवस्थाएं भी की गई हैं। आयोजन से जुड़े कार्यकर्ताओं ने बताया कि 12 जून तक प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक कथा का आयोजन होगा। आगामी दिनों में श्रीकृष्ण जन्म, बाल लीलाओं एवं अन्य महत्वपूर्ण प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा। कथा महोत्सव को लेकर क्षेत्र के श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह बना हुआ है तथा प्रतिदिन बड़ी संख्या में भक्त कथा श्रवण के लिए पहुंच रहे हैं। ठिकाना परिवार ने सभी श्रद्धालुओं से कथा में पधारकर धर्म लाभ लेने की अपील की है।
