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केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने प्राकृतिक खेती को बताया भविष्य की आवश्यकता

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राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के अंतर्गत बुधवार को कृषि विज्ञान केंद्र, राजसमंद में जिला स्तरीय प्राकृतिक खेती कार्यशाला एवं खेत बचाओ अभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री भागीरथ चौधरी रहे। वहीं जिलाध्यक्ष जगदीश पालीवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं किसान बड़ी संख्या में मौजूद रहे। 

कार्यशाला में जिले भर से आए किसानों, कृषि विशेषज्ञों तथा विभागीय अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में प्राकृतिक खेती के महत्व, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण तथा कृषि क्षेत्र में नवाचारों पर विस्तार से चर्चा की गई।

मुख्य अतिथि केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री श्री भागीरथ चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि प्राकृतिक खेती केवल खेती की एक पद्धति नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, मानव स्वास्थ्य सुरक्षा तथा किसानों की आर्थिक समृद्धि का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि अत्यधिक रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के उपयोग से भूमि की उर्वरा शक्ति प्रभावित होती है, जबकि प्राकृतिक खेती मृदा की गुणवत्ता को बनाए रखने के साथ-साथ उत्पादन लागत में भी कमी लाती है। उन्होंने किसानों से परंपरागत ज्ञान एवं आधुनिक तकनीकों के समन्वय के माध्यम से प्राकृतिक खेती को अपनाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार किसानों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही हैं जिनका अधिकतम लाभ किसानों तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने किसानों से मृदा स्वास्थ्य कार्ड (सॉयल हेल्थ कार्ड), प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन, किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, कृषि अवसंरचना कोष तथा उद्यानिकी विकास योजनाओं सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर उनका समुचित उपयोग करने से किसानों की आय में वृद्धि संभव है।

कार्यक्रम में प्राकृतिक खेती से जुड़े विभिन्न तकनीकी विषयों पर विशेषज्ञों ने जानकारी प्रदान की। किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक कृषि पद्धतियों, जीवामृत, घनजीवामृत, बीजामृत तथा मृदा संरक्षण संबंधी उपायों के बारे में विस्तार से अवगत कराया गया। साथ ही खेत बचाओ अभियान के उद्देश्यों एवं कृषि भूमि की उत्पादकता बढ़ाने के उपायों पर भी चर्चा की गई।

कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष श्री जगदीश पालीवाल, कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक श्री बी एस राठौड़, उप निदेशक उद्यान श्री कल्प वर्मा, कृषि विज्ञान केंद्र प्रभारी पी सी रैगर, सहायक निदेशक आत्मा श्री संतोष दूरिया सहित कृषि विभाग के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, कृषि वैज्ञानिक एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

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