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वंदे गंगा अभियान, एसबीएम और हरियालो राजस्थान अभियान से स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को मिला बढ़ावा :सीईओ

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राजसमन्द के ग्राम पंचायत मोलेला स्थित प्राथमिक विद्यालय भोपा जी की भागल में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बृजमोहन बैरवा के मुख्य आतिथ्य में ‘‘एक पेड़ माँ के नाम’’ अभियान के अंतर्गत विशेष पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। 

मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया तथा उपस्थित लोगों को वृक्षों के संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प दिलाया। इस अवसर पर समाजसेवी कृष्ण गोपाल गुर्जर, जिला परियोजना प्रबंधक राजीविका चंद्रप्रकाश चौहान, जिला परियोजना समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) नाना लाल सालवी तथा विकास अधिकारी खमनौर हनुवीर सिंह सहित अन्य अधिकारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

मुख्य कार्यकारी अधिकारी बृजमोहन बैरवा ने कहा कि प्रकृति एवं पर्यावरण का संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि वृक्ष पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की आधारशिला भी हैं। उन्होंने सभी नागरिकों से अपनी माता के सम्मान में कम से कम एक पौधा लगाने तथा उसके संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया। 

उन्होंने कहा कि स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं तथा जनसहभागिता के बिना इन उद्देश्यों की प्राप्ति संभव नहीं है। जिले में संचालित स्वच्छता अभियानों, अपशिष्ट प्रबंधन गतिविधियों एवं वृक्षारोपण कार्यक्रमों से ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है।

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) एवं पंचायती राज विभाग द्वारा 1 जून से 5 जून 2026 तक संचालित ‘‘स्वच्छ गाँव, सुरक्षित जलवायु अभियान’’ का समापन शुक्रवार को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिले की समस्त ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं एवं पर्यावरण संरक्षण संबंधी गतिविधियों के साथ किया गया। अभियान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूकता तथा ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के संबंध में जनसहभागिता को बढ़ावा देना रहा।

जिला परियोजना समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) नाना लाल सालवी ने बताया कि विश्व पर्यावरण दिवस 2026 की थीम ‘‘क्लाइमेट एक्शन’’ के अनुरूप जिलेभर में विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। अभियान के दौरान ग्राम पंचायतों में स्वच्छता परिसंपत्तियों का निरीक्षण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के संबंध में जागरूकता, कचरा पृथक्करण, जल संरक्षण, प्लास्टिक मुक्त वातावरण एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों का आयोजन किया गया।

अभियान के प्रथम चरण में ग्राम पंचायत स्तर पर स्वच्छता एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्थाओं का मूल्यांकन किया गया तथा जनप्रतिनिधियों एवं कार्मिकों को एसडब्ल्यूएम नियम-2026 के संबंध में संवेदनशील बनाया गया। इसके बाद सामुदायिक स्वच्छता परिसंपत्तियों का निरीक्षण कर उनकी कार्यक्षमता का आकलन किया गया तथा ग्रामीणों को स्वच्छता संसाधनों के संरक्षण एवं उपयोग के प्रति जागरूक किया गया। 

अभियान के दौरान बड़े पैमाने पर कचरा उत्पन्न करने वाले संस्थानों एवं प्रतिष्ठानों की पहचान कर ग्रामीणों को स्रोत स्तर पर कचरा पृथक्करण एवं वैज्ञानिक निस्तारण की जानकारी भी प्रदान की गई।

4 जून को जिलेभर में श्रमदान, साफ-सफाई अभियान, सार्वजनिक स्थलों एवं जल स्रोतों की सफाई, पौधारोपण तथा जनजागरूकता रैलियों का आयोजन किया गया। इन गतिविधियों में जनप्रतिनिधियों, स्वयं सहायता समूहों, स्वच्छाग्रहियों, विद्यार्थियों, युवाओं एवं ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। 

अभियान के अंतिम दिवस विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित विशेष ग्राम सभाओं में अभियान की उपलब्धियों की समीक्षा की गई तथा स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामूहिक संकल्प लिया गया। ग्रामीणों को जलवायु परिवर्तन के प्रभावों, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा स्वच्छ जीवनशैली के महत्व की जानकारी भी दी गई।

कार्यक्रम में ग्राम पंचायत प्रतिनिधि, विद्यालय स्टाफ, विद्यार्थी, स्वच्छाग्रही, महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्याएं एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। सभी ने पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण एवं स्वच्छता को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। 

‘‘एक पेड़ माँ के नाम’’ तथा ‘‘स्वच्छ गाँव, सुरक्षित जलवायु’’ अभियान के माध्यम से जिलेभर में स्वच्छता, हरियाली और पर्यावरण संरक्षण का संदेश प्रभावी रूप से प्रसारित हुआ, जो भविष्य में जनआंदोलन का स्वरूप ग्रहण करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।

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