गंगा दशहरा पर्व के अवसर पर राज्य सरकार के वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान के तहत सोमवार को कुंभलगढ़ ब्लॉक स्तरीय कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ ग्राम पंचायत वरदड़ा स्थित वेरो का मठ में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में उपखंड अधिकारी साक्षी पूरी मुख्य अतिथि रहीं।

विकास अधिकारी मांगीलाल गुजर ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक वाद्य यंत्रों एवं ढोल-नगाड़ों के साथ निकाली गई भव्य कलश यात्रा से हुई। कलश यात्रा मेन रोड से प्रारंभ होकर वेरो का मठ पहुंची, जहां श्रद्धापूर्वक दीपदान, जल पूजन एवं शिव अभिषेक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
समारोह को संबोधित करते हुए उपखंड अधिकारी साक्षी पूरी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा संचालित वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान का उद्देश्य पारंपरिक जल स्रोतों का संरक्षण, रखरखाव एवं जीर्ण-शीर्ण जलाशयों का पुनरुद्धार करना है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण केवल पर्यावरण सुरक्षा का विषय नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, विरासत और भविष्य से भी जुड़ा हुआ है। यदि क्षेत्र में जल सुरक्षित रहेगा तो प्रकृति भी सुरक्षित रहेगी और क्षेत्र में समृद्धि एवं खुशहाली आएगी।

उन्होंने कहा कि मेवाड़ की गंगा कही जाने वाली बनास मैया की उद्गम स्थली वेरो का मठ से इस अभियान का शुभारंभ होना पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है। यह स्थल आस्था का केंद्र होने के साथ किसानों की जीवन रेखा भी है। उन्होंने संत-महात्माओं की पावन भूमि से जल स्रोतों के संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लेने का आह्वान करते हुए कहा कि कुंभलगढ़ क्षेत्र के प्रत्येक गांव तक जल संरक्षण का संदेश पहुंचाया जाएगा तथा प्रत्येक गांव में कम से कम एक जल स्रोत को संरक्षित करने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने मानसून के दौरान सघन वृक्षारोपण करने पर भी जोर देते हुए कहा कि “जल बचेगा तो कल बचेगा”। साथ ही कुंभलगढ़ क्षेत्र की उत्कृष्ट कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों को उपखंड स्तर पर सम्मानित किए जाने की बात कही।
कार्यक्रम में सहायक वन संरक्षक लाखन सिंह राठौड़, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी नूतन जोशी, सहायक अभियंता कमलेश मीणा, समाजसेवी रणजीत सिंह, सहायक विकास अधिकारी प्रकाश पालीवाल, लक्ष्मी नारायण कुमावत, ख्यालीलाल लोहार, ग्राम विकास अधिकारी भरत तंवर, प्रशासक वरदड़ा, होटल एसोसिएशन अध्यक्ष सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
