राजसमंद विधायक दीप्ति किरण माहेश्वरी ने सांसद कपिल सिब्बल की हालिया टिप्पणियों को भारत माता, भारतीय लोकतंत्र और देश की सांस्कृतिक चेतना का अपमान बताया है। उन्होंने कहा कि कपिल सिब्बल कांग्रेस की उस सनातन विरोधी और तुष्टिकरण आधारित राजनीतिक व्यवस्था का चेहरा हैं, जिसने सदैव राष्ट्रहित से ऊपर वोट बैंक की राजनीति को रखा। विधायक दीप्ति ने कहा कि यदि उन्हें भारत में रहने पर शर्म आती है तो उन्हें उन देशों में जाकर रहना चाहिए, जिन राष्ट्रविरोधी तत्वों के पक्ष में वे वर्षों तक खड़े दिखाई दिए।

उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में वर्षों से राजनीतिक हिंसा, घुसपैठ को संरक्षण देकर चुनावी लाभ प्राप्त करने की प्रवृत्ति तथा हिंदू बहन-बेटियों के साथ होने वाले अत्याचारों का कांग्रेस परितंत्र ने मुखर समर्थन किया है। ऐसे मामलों में उन्हें कभी शर्म नहीं आई, लेकिन भारत और उसकी लोकतांत्रिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करने में वे सदैव आगे रहते हैं।
विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश विकास, सुशासन, राष्ट्रीय सुरक्षा और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है। केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। ऐसे समय में भारत विरोधी टिप्पणियां केवल राजनीतिक निराशा और वैचारिक दिवालियापन का परिचायक हैं।
उन्होंने कहा कि देश की जनता अब सनातन विरोधी, तुष्टिकरण की राजनीति करने वाली, औरंगजेबी मानसिकता से प्रेरित तथा भ्रष्टाचार और आतंकवाद को संरक्षण देने वाली विचारधारा को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है। जनता अपने जनादेश से स्पष्ट कर चुकी है कि राष्ट्रहित और भारतीय संस्कृति के विरुद्ध खड़ी राजनीति का भविष्य देश में नहीं है।
