राजसमंद शहर की ऐतिहासिक विरासत को सहेजने और उसे नई पहचान देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। राजसमंद विधायक दीप्ति किरण माहेश्वरी ने नगर के प्रमुख ‘राणा राजसिंह चौराहा’ (जिसे जल चक्की चौराहा भी कहा जाता है) का प्रशासनिक अधिकारियों के साथ स्थलीय निरीक्षण किया। यहाँ मेवाड़ के गौरव महाराणा राज सिंह की एक भव्य प्रतिमा स्थापित की जानी प्रस्तावित है।

निरीक्षण के दौरान विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने प्रस्तावित स्थल की उपयुक्तता का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों के साथ मिलकर यातायात प्रबंधन, आमजन की सुविधा और सुरक्षा मानकों पर विस्तृत चर्चा की। विधायक ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रतिमा स्थापना का कार्य इस तरह से नियोजित किया जाए कि शहर की यातायात व्यवस्था पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
विधायक ने निरीक्षण के दौरान मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर जोर दिया:
सुनियोजित निर्माण: कार्य पूर्णतः व्यवस्थित हो ताकि आमजन को असुविधा न हो।
समयसीमा और गुणवत्ता: परियोजना को निर्धारित समय के भीतर पूरा किया जाए और निर्माण में उच्च मानकों का पालन हो।
सौंदर्यीकरण: चौराहा भविष्य में शहर का प्रमुख आकर्षण केंद्र और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बने।
विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने इस अवसर पर कहा कि महाराणा राज सिंह की यह प्रतिमा न केवल शहर के सौंदर्य को बढ़ाएगी, बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ियों को अपने समृद्ध इतिहास और शौर्य गाथाओं से जोड़ने का माध्यम बनेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के लिए संकल्पित है और यह कदम उसी कड़ी का एक हिस्सा है।
इस निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के आला अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्हें विधायक ने पारदर्शिता और जनहित को सर्वोपरि रखते हुए कार्य करने के निर्देश दिए हैं। जल्द ही राजसमंद की धरा पर महाराणा राज सिंह की यह प्रतिमा क्षेत्र के सांस्कृतिक गौरव को नई ऊंचाइयां प्रदान करेगी।
