राजस्थान, जिसे हम राजाओं की भूमि और बलिदान की माटी कहते हैं, अपने स्थापना दिवस के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है। 30 मार्च को मनाए जाने वाले ‘राजस्थान दिवस’ की शृंखला में कल 18 मार्च को राजसमंद की ऐतिहासिक रायसागर झील एक अलौकिक दृश्य की साक्षी बनने जा रही है।
राजसमंद जिला प्रशासन, देवस्थान विभाग और श्री द्वारकाधीश मंदिर (कांकरोली) के संयुक्त तत्वावधान में कल शाम 7:00 बजे एक भव्य महाआरती और दीपदान कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा और देवस्थान मंत्री श्री जोराराम कुमावत की प्रेरणा से आयोजित यह कार्यक्रम श्री द्वारकाधीश मंदिर की व्रजप्रभा कॉटेज के पीछे स्थित रायसागर झील के घाट पर होगा।
इस आयोजन में भक्ति का सैलाब उमड़ेगा, जहाँ महाआरती के पश्चात 501 दीपकों का दीपदान किया जाएगा। कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाने के लिए विधायक दीप्ति माहेश्वरी, जिला प्रशासन के उच्च अधिकारी, नगर परिषद आयुक्त और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे।
गौरतलब है कि राजस्थान का निर्माण 19 रियासतों के विलय के साथ हुआ था, जिसकी प्रक्रिया 30 मार्च 1949 से शुरू होकर 1 नवंबर 1956 को पूर्ण हुई। अपनी वीरता और दृढ़ इच्छाशक्ति के लिए प्रसिद्ध इस भूमि की संस्कृति आज भी उतनी ही दिव्य है, जिसे संजोने के लिए ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन किए जा रहे हैं।
रायसागर झील का यह किनारा कल रोशनी से जगमगाएगा, जो राजस्थान की भव्यता और गौरव का प्रतीक बनेगा।
