नाथद्वारा स्थित शुद्धाद्वैत पुष्टिमार्गीय द्वितीय पीठ के प्रभु श्री विठ्ठलनाथजी मंदिर में रविवार को भव्य ‘गौचारण मनोरथ’ पूरी श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर जुगलजोड़ी सरकार सुखपाल में विराजमान होकर चौपेता बाग स्थित शिवविठ्ठलेश गौशाला पधारे।

पीठाधीश्वर गोस्वामी शेखर कल्याणदाय महाराज के सान्निध्य में निकली इस भव्य शोभायात्रा में वैष्णवों का उत्साह देखने लायक था। पारंपरिक वेशभूषा पहने श्रद्धालुओं ने प्रभु के सुखपाल को अपने कंधों पर उठाया। मार्ग में पुष्पवर्षा, आकर्षक रोशनी और केले के स्तंभों से भव्य सजावट की गई थी। बैंड-बाजे, अश्वदल और कीर्तन मंडलियों के साथ यह यात्रा चौपेता बाग पहुंची, जहां शहनाई और मंगल वाद्यों से प्रभु का स्वागत हुआ।

मनोरथ के लिए गौशाला परिसर को बेहद कलात्मक रूप से सजाया गया था। काष्ठ निर्मित गौमाताएं, कमल-तलैया का भाव और बछड़ों का बाड़ा इस आयोजन का विशेष आकर्षण रहे। इस दौरान जुगलजोड़ी सरकार को पचरंगी टिपारा, मोरपंख और कदंब मालाओं से सजाया गया, वहीं श्री स्वामिनीजी पचरंगी लहरिया साड़ी में अलौकिक नजर आईं। आरती, मोरछल सेवा और राई-लूण की रस्मों के बाद देर रात वैदिक मंत्रोच्चार के साथ इस भव्य मनोरथ का समापन हुआ।
