केंद्रीय कोयला और खान मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी ने राजस्थान में हिन्दुस्तान ज़िंक लिमिटेड के राजपुरा दरीबा कॉम्प्लेक्स का दौरा किया। विश्व की सबसे बड़ी एकीकृत जिंक और शीर्ष चांदी उत्पादक कंपनियों में शामिल हिंदुस्तान जिंक की आधुनिक संचालन प्रणाली को देखकर केंद्रीय मंत्री काफी प्रभावित हुए। इस दौरान उन्होंने कंपनी की सिंदेसर खुर्द माइन और दरीबा स्मेल्टिंग कॉम्प्लेक्स की आधुनिक तकनीक, सुरक्षा मानकों और कर्मचारियों को मिलने वाली सुविधाओं की बारीकी से जानकारी ली।
केंद्रीय मंत्री ने सिंदेसर खुर्द माइन के कंट्रोल रूम, सेल हाउस और कैथोड यार्ड का अवलोकन किया। उन्होंने यहाँ रिमोट से चलने वाली अत्याधुनिक मशीनों और उपकरणों का प्रदर्शन देखा और देश की पहली महिला माइन रेस्क्यू टीम के लाइव डेमो की जमकर सराहना की।
केंद्रीय मंत्री का बयान
दौरे के बाद केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि, “हिंदुस्तान ज़िंक का संचालन यह दिखाता है कि भारत एक आधुनिक, जिम्मेदार और आत्मनिर्भर माइनिंग क्षेत्र बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। कंपनी की बेहतरीन कार्यप्रणाली और सामाजिक विकास पर बल, माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के आत्मनिर्भर और ‘विकसित भारत 2047’ के सपने के बिल्कुल अनुरूप है।”

अपने दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री ने बेहद सादगी दिखाते हुए सिंदेसर खुर्द माइन की वर्कर कैंटीन में 54 ‘ज़िंक रत्न‘ श्रमिकों के साथ दोपहर का भोजन किया। यहाँ उन्होंने महिला माइनिंग इंजीनियरों से भी बातचीत की और देश की प्रगति में महिलाओं की इस सशक्त भूमिका को सराहा।
इसके साथ ही, केंद्रीय मंत्री ने हिंदुस्तान जिंक के सीएसआर (CSR) स्टॉल का भी दौरा किया। उन्होंने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने वाली ‘सखी’ परियोजना, बच्चों के लिए ‘शिक्षा संबल’ व ‘ऊंची उड़ान’ कार्यक्रम, और ग्रामीण स्वास्थ्य व स्वच्छ पेयजल के लिए चलाई जा रही पहलों की समीक्षा की। इस दौरान कंपनी के सीईओ अरुण मिश्रा और कोयला एवं खान मंत्रालय के संयुक्त सचिव विवेक बाजपेयी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
हिंदुस्तान जिंक का यह नेटवर्क न सिर्फ देश को महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बना रहा है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय समुदायों को साथ लेकर देश के आर्थिक और सामाजिक विकास में भी एक बड़ी भूमिका निभा रहा है।
