ब्रेकिंग

मोही में श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन भक्ति एवं ज्ञान की गंगा बही, श्रद्धालु हुए भाव-विभोर

476862

ठिकाना परिवार मोही द्वारा राजपूत सामुदायिक भवन में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव के तीसरे दिन श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। कथा स्थल पर दोपहर से ही भक्तों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई और पूरा परिसर भगवान श्रीकृष्ण के जयघोषों तथा भजन-कीर्तन से भक्तिमय हो उठा।

कथा श्रवण के लिए आसपास के गांवों एवं कस्बों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। कथा वाचक पंडित विष्णुकांत शास्त्री ने श्रीमद्भागवत के पावन प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि मानव जीवन का वास्तविक उद्देश्य प्रभु भक्ति, सेवा और सदाचार के मार्ग पर चलना है। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाने वाला दिव्य ज्ञान का भंडार है। कथा के माध्यम से व्यक्ति अपने जीवन को संस्कारित बनाकर समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

अपने उद्बोधन में शास्त्री ने कहा कि वर्तमान युग में मनुष्य भौतिक सुख-सुविधाओं के पीछे दौड़ते हुए मानसिक शांति से दूर होता जा रहा है। ऐसे समय में भगवान की कथा और सत्संग मन को शांति, संतोष और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करते हैं। उन्होंने बताया कि भगवान के प्रति अटूट श्रद्धा और विश्वास रखने वाला व्यक्ति हर परिस्थिति में सफल होता है तथा जीवन के कठिन से कठिन मार्ग को भी सहजता से पार कर लेता है। कथा के दौरान विभिन्न प्रसंगों का वर्णन करते हुए उन्होंने भक्तों को सत्य, करुणा, सेवा, त्याग और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। कथा स्थल पर उपस्थित श्रद्धालु भगवान की लीलाओं का श्रवण कर भाव-विभोर हो गए। कई श्रद्धालु भजन-कीर्तन में शामिल होकर प्रभु भक्ति में लीन दिखाई दिए। महिलाओं ने मंगल गीतों और भजनों के माध्यम से वातावरण को और अधिक भक्तिमय बना दिया। कथा पांडाल को आकर्षक सजावट से सजाया गया था तथा आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए समुचित व्यवस्थाएं की गई थीं। पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन और श्रद्धा का सुंदर समन्वय देखने को मिला। ठिकाना परिवार के सदस्यों ने बताया कि कथा महोत्सव 12 जून तक प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित किया जा रहा है। आगामी दिनों में भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं, भक्त चरित्रों एवं धर्म से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा। उन्होंने सर्वसमाज के श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कथा श्रवण करने और धर्म लाभ प्राप्त करने का आग्रह किया। कथा के अंत में प्रभु की आरती की गई तथा श्रद्धालुओं ने भगवान के जयघोष के साथ क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। तीसरे दिन का आयोजन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना का अद्भुत संगम बन गया।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *