राजसमंद पुलिस की सजगता और त्वरित कार्रवाई से एक परिवार का गुम हुआ चिराग सुरक्षित उनके पास लौट आया है। जिला पुलिस अधीक्षक हेमंत कलाल के निर्देशन में काम कर रही ‘कालिका पेट्रोलिंग यूनिट’ ने एक बार फिर अपनी संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय देते हुए एक लापता बालक को सकुशल ढूंढ निकाला है।

मामला 1 जुलाई 2026 की शाम का है, जब कालिका पेट्रोलिंग यूनिट क्रमांक-05 पर तैनात महिला कांस्टेबल शारदा और महिला कांस्टेबल सुमित्रा नियमित गश्त पर थीं। इसी दौरान बडारड़ा निवासी एक परेशान पिता ने पुलिस टीम को सूचना दी कि उनका बेटा लक्ष्यराज दोपहर 2 बजे से बिना बताए घर से लापता है। परिजनों ने उसे हर जगह ढूंढा, लेकिन उसका कहीं कोई सुराग नहीं मिला।
मासूम के लापता होने की खबर मिलते ही कालिका पेट्रोलिंग यूनिट ने बिना एक पल गंवाए तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम और थाना कांकरोली को अलर्ट किया। पुलिस टीम ने परिजनों को साथ लिया और पूरे इलाके के सीसीटीवी कैमरों को खंगालना शुरू किया। सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच करने पर पुलिस को एक बड़ा सुराग हाथ लगा—बालक कांकरोली बस स्टैंड की तरफ जाता हुआ दिखाई दिया।

सुराग मिलते ही महिला कांस्टेबलों की टीम तुरंत कांकरोली बस स्टैंड पहुंची और सघन तलाशी अभियान चलाकर बालक लक्ष्यराज को सुरक्षित अपने संरक्षण में ले लिया। इसके बाद तुरंत फोन पर पिता को इसकी जानकारी दी गई। बस स्टैंड पर जब रोते-बिलखते परिजन पहुंचे और अपने जिगर के टुकड़े को सही-सलामत देखा, तो उनकी आंखों में खुशी के आंसू छलक आए। आवश्यक कागजी कार्रवाई और तसल्ली के बाद बच्चे को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
अपने लाडले को सुरक्षित पाकर परिजनों ने राजसमंद जिला पुलिस और कालिका पेट्रोलिंग यूनिट की इस मानवीय और त्वरित कार्यशैली का दिल से आभार जताया है। पुलिस की इस तत्परता ने यह साबित कर दिया है कि आमजन की सुरक्षा के लिए खाकी हर वक्त मुस्तैद है।
