राजसमंद जिले के नाथद्वारा विधानसभा के गांवगुड़ा राजकीय विद्यालय भवन की लोकार्पण पट्टिका से नाम हटाने के विवाद ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। मामले को लेकर राजसमन्द जिले के कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों ने जिला कलेक्ट्री पर प्रदर्शन कर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए कार्रवाई की मांग की।
इस दौरान गांवगुड़ा ग्राम पंचायत के प्रशासक एवं पूर्व सरपंच किशन गमेती ने भाजपा सरकार पर आदिवासी नेतृत्व के अपमान और दोहरी नीति अपनाने के आरोप लगाए। प्रशासक गमेती ने कहा कि वर्ष 2023 में तत्कालीन विधायक डॉ. सी.पी. जोशी द्वारा किए गए शिलान्यास की पट्टिका में उनका नाम शामिल था, लेकिन हाल ही में उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी के दौरे के दौरान लगी नई लोकार्पण पट्टिका से उनका नाम हटा दिया गया।

उन्होंने आरोप लगाया कि रेलमगरा कृषि मंडी के लोकार्पण में प्रशासक आशा जाट का नाम शामिल किया गया, जबकि गांवगुड़ा में आदिवासी प्रतिनिधित्व को नजरअंदाज किया गया। प्रशासक गमेती ने सवाल उठाया कि यदि कोई नियम है तो वह सभी जगह समान रूप से लागू होना चाहिए।
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी खमनोर अध्यक्ष केशर सिंह गौड़ ने भी नाराजगी जताते हुए कहा कि पहले लगी पट्टिका हटाकर आदिवासी समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाई गई है। उन्होंने नाथद्वारा विधानसभा में दोहरी नीति अपनाने का आरोप लगाया।
वहीं राजसमन्द कांग्रेस जिलाध्यक्ष आदित्य प्रताप सिंह चौहान ने चेतावनी दी कि यदि मामले में जवाब नहीं मिला तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
हालांकि, इस संबंध में प्रशासन अथवा संबंधित विभाग की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
