राजसमन्द, 08 जून। गुणवत्तापूर्ण प्रसवपूर्व देखभाल एवं समय पर उपचार प्राप्त करने के उदे्श्य से संचालित प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान की शुरूआत 9 जून 2016 को हुई जिसके सफलतापूर्वक 10 वर्ष पूरे करने के अवसर पर राज्य स्तर से प्राप्त निर्देशानुसार जिला चिकित्सालय से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र तक सभी राजकीय चिकित्सा संस्थानो पर आज 9 जून मंगलवार को समारोह के साथ आयोजन किया जायेगा। जिसमें गर्भवती महिलाओं को चिकित्सक और स्त्री एवं प्रसुति रोग विशेषज्ञ द्वारा निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण प्रसवपूर्व जांच की सेवायें दी जायेगी।

सीएमएचओ डॉ हेमन्त कुमार बिन्दल ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान जिले में प्रतिमाह दिनांक 9, 18 व 27 को आयोजित किया जाता है,उक्त दिवस अवकाश होने पर अगले कार्यदिवस पर अभियान का आयोजन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र स्तर तक किया जाता है। अभियान के कारण ग्रामीण क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को काफी लाभ मिला है, आशाओं के माध्यम से सम्बन्धित संस्थान के सैक्टर में स्थित सभी गांवो की आशा उक्त अभियान में अपने क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को लेकर पहुंचती है, जिससे गर्भवती महिलाओं में उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं का भी चिन्हीकरण, फॉलोअप तथा सुरक्षित प्रसव के लिये योजना भी गर्भवती महिला एवं परिजनो को सांझा की जाती है।
जो सुरक्षित मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य के लिये काफी महत्वपूर्ण है। अभियान में मां एवं बच्चे के स्वास्थ्य, पोषण एवं परिवार नियोजन की सलाह दी जाती है जिससे मां – बच्चे के समग्र स्वास्थ्य में इस अभियान को महत्वपूर्ण योगदान है।
जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ सुरेश मीणा ने बताया कि अभियान के तहत स्वैच्छा से जिले के निजी क्षेत्र के चिकित्सक, स्त्री एवं प्रसुति रोग विशेषज्ञ भी जुडे़े हुए है तथा नजदीकी आवश्यकता वाले राजकीय चिकित्सा संस्थानो पर इन दिवसो पर निःशुल्क सेवायें देते है। अभियान को सुदृढ करने तथा गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण सेवायें देने के लिये राज्य सरकार ने वर्ष 2024 से मां वाउचर योजना की शुरूआत की जिससे प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस पर राजकीय संस्थानो पर आने वाली सभी वर्ग की गर्भवती महिलाओं को एक निःशुल्क सोनोग्राफी की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जा रही है।
अभियान के तहत जिले में पिछले 10 वर्षो में 2 लाख 24 हजार 547 गर्भवती महिलायें लाभान्वित हुई है, तथा अभियान के माध्यम से प्रसव की दृष्टी से उच्च जोखिम वाली 33 हजार 671 गर्भवती महिलाओं को चिन्हीत कर सुरक्षित प्रसव करवाया गया है। साथ ही अभियान में आने वाली 14 हजार 738 महिलाओं को मां वाउचर योजना के तहत निःशुल्क सोनोग्राफी की सुविधा दी गई है।
