आमतौर पर जब जिले के बड़े अधिकारी यानी कलेक्टर और एसपी किसी दौरे पर निकलते हैं, तो उनके आगे-पीछे चमचमाती सरकारी गाड़ियों का एक लंबा काफिला चलता है। लेकिन राजसमंद में शनिवार शाम को कुछ ऐसा हुआ, जिसने सबको हैरान भी किया और एक बहुत बड़ा संदेश भी दिया।
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ईंधन बचाने के आह्वान को धरातल पर उतारते हुए राजसमंद जिला प्रशासन ने एक अनूठी मिसाल पेश की है। जिला कलेक्टर अरुण कुमार हसीजा के नेतृत्व में जिले का पूरा प्रशासनिक अमला अपनी-अपनी वीआईपी गाड़ियां छोड़कर एक ही बस में सवार हो गया। अलग-अलग सरकारी गाड़ियों का ईंधन फूंकने के बजाय कलेक्टर अरुण कुमार हसीजा, एसपी हेमंत कलाल, जिला परिषद सीईओ बृजमोहन बैरवा और उप वन संरक्षक आर एन भाकर सहित तमाम आला अधिकारी कलेक्ट्रेट परिसर से बस में बैठकर चारभुजा-गढ़बोर के लिए रवाना हुए।

कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद आम जनता के लिए यह दृश्य कौतूहल और तारीफ का विषय बन गया। लोगों का कहना था कि जब प्रशासन खुद ऐसा उदाहरण पेश करता है, तो समाज में सकारात्मक संदेश बहुत तेजी से जाता है। इस अनोखी यात्रा से न सिर्फ ईंधन की बचत हुई, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, सादगी और जिम्मेदार नागरिक व्यवहार का एक बड़ा संदेश सीधे जनता तक पहुंचा।
