राजसमंद जिला कलक्टर अरुण कुमार हसीजा के निर्देशानुसार जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की टीम ने सोमवार को केलवा ग्रामीण एवं राजसमंद शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर पेयजल व्यवस्था एवं जल दबाव की जांच की तथा क्षेत्रवासियों से संवाद कर वास्तविक स्थिति का जायजा लिया।

अधिशाषी अभियंता लोकेश सैनी ने बताया कि 25 मई को केलवा ग्रामीण तथा रेती मोहल्ला, धोरा मोहल्ला एवं जाट मोहल्ला द्वारकाधीश मंदिर क्षेत्र के निवासियों द्वारा पेयजल समस्या को लेकर जिला कलक्टर कार्यालय पर प्रदर्शन किया गया था। इसके पश्चात विभागीय अधिशाषी अभियंता लोकेश सैनी एवं सहायक अभियंता दीपेश चौधरी अपनी टीम के साथ संबंधित क्षेत्रों में पहुंचे।
केलवा ग्रामीण क्षेत्र में ग्रामीणों ने नई बसी बस्तियों में पेयजल पाइपलाइन नहीं होने, स्वच्छ जलाशय से पानी व्यर्थ बहने तथा गांव में कुछ स्थानों पर लिकेज की समस्या से अवगत कराया। जिस पर विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए नई बस्तियों में टैंकरों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति के आदेश जारी किए गए। साथ ही लिकेज मरम्मत एवं ओवरफ्लो रोकने के लिए संबंधित कार्मिकों को निर्देशित किया गया। जिन क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति का समय कम पाया गया, वहां जल उत्पादन की मात्रा बढ़ाने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान गांव में समग्र रूप से जलापूर्ति व्यवस्था संतोषप्रद पाई गई।

राजसमंद शहर के संबंधित क्षेत्रों में विभागीय टीम द्वारा जल दबाव की जांच की गई, जो लगभग 15 मीटर पाया गया। क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति अवधि 2 से 2.5 घंटे तक होना पाया गया, जिसे विभाग ने पर्याप्त एवं संतोषजनक बताया। निरीक्षण के दौरान लगभग 20 से 25 उपभोक्ता कनेक्शनों में लिकेज पाए गए, जिनकी मरम्मत के लिए संबंधित उपभोक्ताओं को निर्देशित किया गया। विभाग ने चेतावनी दी कि मरम्मत नहीं कराने की स्थिति में संबंधित जल कनेक्शन विच्छेदित किए जा सकते हैं।
अधिशाषी अभियंता लोकेश सैनी ने बताया कि साधना शिखर पर प्रस्तावित स्वच्छ जलाशय निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है, जिसके पूर्ण होने में लगभग दो से ढाई माह का समय लगेगा। इसके बाद शहर की जलापूर्ति व्यवस्था एवं जल दबाव में और अधिक सुधार होने की संभावना है। उपभोक्ताओं की मांग के अनुरूप जल वितरण समय सारणी का पुनः प्रकाशन भी किया जा रहा है।
