साइबर सुरक्षित समाज तभी बनेगा, जब हर व्यक्ति साइबर स्मार्ट बनेगा।” इसी उद्देश्य के साथ राजसमन्द जिला पुलिस अधीक्षक हेमन्त कलाल के निर्देशन में आज खमनोर में एक विशेष साइबर जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। चिकित्सा जगत से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को डिजिटल खतरों से आगाह करने के लिए यह पहल की गई।

राजसमन्द जिले के खमनोर खण्ड स्तरीय बैठक के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में आयोजित इस कार्यशाला का नेतृत्व उप अधीक्षक पुलिस दुर्गाप्रसाद दाधीच ने किया। कार्यशाला में साइबर पुलिस थाना राजसमन्द के प्रोग्रामर खैरूल वसीम ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की।
वसीम ने उपस्थित चिकित्सा कर्मियों को विस्तार से बताया कि ‘साइबर स्पेस’ क्या है और इसमें खुद को कैसे सुरक्षित रखा जा सकता है। उन्होंने डेटा चोरी के खतरों और अपराधियों द्वारा अपनाई जाने वाली नई तकनीकों पर प्रकाश डाला। विशेष रूप से ‘डिजिटल फुटप्रिंट’ के बारे में समझाते हुए उन्होंने अपील की कि इंटरनेट का उपयोग करते समय सावधानी बरतें ताकि आपके पदचिह्न भविष्य में आपके लिए हानिकारक न बनें।
कार्यशाला में मोबाइल सुरक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए:
ऐप परमिशन: मोबाइल में इंस्टॉल ऐप्स को सीमित परमिशन दें और समय-समय पर उनकी जांच करें।
सोशल मीडिया: टू-फेक्टर ऑथेंटिकेशन का उपयोग करें, अकाउंट प्राइवेट रखें और अनावश्यक पोस्ट से बचें।
अनजान कॉल्स: अनचाहे कॉल्स को साइलेंट मोड पर रखने और संदिग्ध लिंक से दूर रहने की सलाह दी गई।

