राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय भोपा की भागल, पंचायत समिति खमनोर, ब्लॉक नाथद्वारा में कार्यरत शिक्षक कृष्ण गोपाल गुर्जर द्वारा गत 30 वर्षों से पक्षियों के संरक्षण एवं उनके लिए सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने की दिशा में जनसहभागिता आधारित अभियान चला रहे हैं।
शिक्षक कृष्ण गोपाल द्वारा अब तक लगभग 1 लाख 50 हजार परिंडे, घोंसले एवं अन्य पक्षी संरक्षण सामग्री का वितरण किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष अब तक 14 हजार से अधिक परिंडों एवं घोंसलों का वितरण किया जा चुका है तथा वर्षभर में 21 हजार वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

शुक्रवार शाम जिला परिषद में पर्यावरण संरक्षण का यह संदेश जन-जन तक पहुँच जब शिक्षक कृष्ण गोपाल गुर्जर द्वारा जिला परिषद के सभी कार्मिकों को पर्यावरण किट का वितरण किया गया, जिसमें बर्ड फीडर, पक्षी घर, परिंडे तथा ईको नेस्ट शामिल थे।
अधिकारियों एवं कार्मिकों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पक्षियों के लिए जल एवं दाना उपलब्ध कराने का आह्वान किया गया। इस दौरान सभी कार्मिकों को पर्यावरण किट वितरित कर पक्षी संरक्षण अभियान से जोड़ा गया।

कार्यक्रम में जिला परिषद सीईओ बृजमोहन बैरवा ने कृष्ण गोपाल गुर्जर के प्रयासों की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा कि तेजी से बदलते पर्यावरणीय परिदृश्य में पक्षियों का संरक्षण समय की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी और शहरीकरण के बढ़ते प्रभाव के कारण पक्षियों के प्राकृतिक आवास लगातार प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे समय में कृष्ण गोपाल गुर्जर द्वारा व्यक्तिगत स्तर पर प्रारंभ की गई यह मुहिम समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बन गई है।
सीईओ बैरवा ने कहा कि एक शिक्षक होने के साथ-साथ पर्यावरण प्रहरी की भूमिका निभाते हुए कृष्ण गोपाल गुर्जर ने जिस समर्पण और निरंतरता के साथ लाखों पक्षियों के लिए जल एवं आश्रय की व्यवस्था सुनिश्चित करने का प्रयास किया है, वह अत्यंत सराहनीय है।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के जनहितकारी एवं पर्यावरण हितैषी कार्य समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों को प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूक करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने सभी कार्मिकों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने तथा अपने घरों, कार्यालयों एवं सार्वजनिक स्थलों पर परिंडे एवं पक्षी घर लगाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी सी.पी. चौहान सहित जिला परिषद के लगभग 70 कार्मिक उपस्थित रहे।
