नवजीवन की मिसाल बना ‘कन्हैया’, चिकित्सकों और बाल संरक्षण तंत्र की संवेदनशीलता से मिली नई पहचान
जाको राखे साइयां, मार सके ना कोय” की कहावत को चरितार्थ करते हुए गत 8 मई को खमनोर क्षेत्र के बलीचा के समीप झाड़ियों में असुरक्षित अवस्था में परित्यक्त मिला एक नवजात शिशु जीवन और मृत्यु के संघर्ष को पार कर अब स्वस्थ एवं सुरक्षित भविष्य की ओर अग्रसर हो गया है। चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ…
