ब्रेकिंग

प्रभु द्वारकाधीश का दिव्य रूप: राजभोग में सोने के बंगले में बिराजे ठाकुर जी

488017

कांकरोली स्थित पुष्टिमार्गीय तृतीय पीठ श्री द्वारकाधीश मंदिर में अधिक ज्येष्ठ कृष्ण एकादशी पर भव्य धार्मिक उत्सव मनाया गया। पीठाधीश्वर गोस्वामी श्री वागीश कुमार जी महाराज और युवराज गोस्वामी वैदांत कुमार जी के सानिध्य में प्रभु के कई अलौकिक रूप देखने को मिले।

सुबह एकादशी के विशेष श्रृंगार के बाद, मंदिर के भीतर ‘कुनवारा’ लीला के तहत प्रभु को आटे के सीरे का भोग लगाकर ग्वाल-बालों को जिमाया गया। इसके बाद राजभोग में प्रभु द्वारकाधीश सोने के बंगले में विराजे, जहाँ महाराज श्री ने उनकी भव्य आरती उतारी।

शाम को शयन दर्शन के समय पूरे रतन चौक में अद्भुत ‘पुष्पवितान मनोरथ’ सजाया गया। प्राकृतिक मोगरे और गुलाब के फूलों से बने भव्य स्टेज पर प्रभु का सिंहासन विराजमान हुआ। चौक में फूलों से बनी गाय, बछड़े, मोर, हिरण और तोते जैसी आकृतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। शयन की आरती पीठाधीश्वर महाराज श्री ने की। इस मनोरथ को सफल बनाने में मंदिर के मुखिया, सेवकों, कीर्तनकारों और पखावज वादकों ने अपनी सेवाएं दीं।

आगामी शुक्रवार को राजभोग में चंदन का बंगला और शयन में गुलाबी घटा के बीच गुलाब का हिंडोला सजाया जाएगा।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *